रामसेवक के विधान सभा में टिकट भेटब तय अछि, ५० सालक मेहनत कायल छलैक, सब वर्ग में नीक पैठ छैक पूरा क्षत्र क s में ईहा एकटा एहेन उमीदवार अछि जाकर जीत लगभग तय छैक | दोसर पार्टी वाला सब बड़ प्रलोभन देलकैक जे हमरा पार्टी में चली आ हम पार्षद हम राज्य सभा सदस्य बना दैत छियैक मुदा टस से मस नहीं भेल अप्पन पार्टी के लेल निस्वार्थ सेवा करैत रहल जाकर परिणाम छैक जे आई जीताब लगभग तय छैक |
समाचार पत्र में जखन नामक घोषणा भेल ते रामसेवक के नाम नहीं रामगुलाम के नाम छलैक आहिरेबा! ई की भय गलैक रामगुलाम ते जेल में छैक ओकर साख ते क्षेत्र में बहुत ख़राब छैक तखन ओकरा टिकट कियाक भेटलैक | एतबे में रामुद्दीन बाजि उठल तु सब किछु नहीं बुझैत छिहिन रामगुलाम काल्हिये जेल स s छूटी के एलैक " ओही से की हेतैक ओकरा के वोट देतैक ओ कते के मर्डर केलक" फेर बेबकूफी वाला बात ओ सब केस में बड़ी भय गलैक एतय जाति समीकरण चलैत छैक ताहि द्वारे ओकरा टिकट देल गेल, संगही ओकरा सन दबंग नेता क्षेत्र में और के अछि
Tuesday, December 1, 2009
Monday, November 30, 2009
फार्मुला
बहुत दिनका बाद मंत्रीजी अप्पन क्षेत्र आबि रहल छलाह | शिक्षा मंत्री बनलाक बाद शायद पहिल बेर अप्पन गाम आ क्षेत्र जेवाक मोका भेटलैन, पहिने जखन विधायक छलाह तखन ते कहियो काल बाज़ार में दर्शन भs जायत छल मुदा आब ते दर्शन दुर्लभ भs गेल | बहुत बेलना बेललाक बाद मंत्री बनलाह | क्षेत्रक लोक के मन बहुत खुश भेलैक जे आब हमरो सबहक गाम में स्कूल खुजत, विकाश होयत |
मंत्रीजीक काफिला बहुत करीब १५-२० टा गाड़ी छल, मंत्रीजीक गाड़ी बिच में सजल धजल फूलक माला से लदल छल | ओही गाड़ी में मंत्रीजीक संग हुनकर सचिव सेहो बैसल छल, सबकियो आराम सs जा रहल छलैथ की गाड़ी एकाएक सड़क पर रुकी गेल | रोडक कात में किछु लोक हाथ में फुलक माला लs मंत्रीजीक जयकार कs रहल छल एक आदमीक हाथ में एकटा कागज पर आवेदन पत्र छल आ ओ आवेदन पत्र मंत्री जी देबय चाहैत छल ओकरा सबहक मांग छल जे हमरा गाम एकटा मिडिल स्कुल हेवाक चाही| कियाक ते अहि गाम में कोनो स्कुल नहीं अछि बगल के गाम में धारक ओही पार जे स्कुल छैल ओही में लड़का सब ते कुनु तरहे स्कुल चलि जायत अछि मुदा लड़की सब नहीं जा पबैत अछि | पुलिस वाला मंत्री जी सs मिलेवाक लेल तैयार नहीं छल जकर बिरोध केला पर ओकरा सब पर पुलिस डंडा बरसाबय लगलैक |
"अहाँ पुलिस के मना करियो आ आवेदन पत्र के मंजुर कs लियो अखन सरकार लग फंड छैक आ ओकर कहब छैक जे हरेक पंचायत में एकटा स्कुल हेवाक चाही" सचिव बाजी उठलाह, मंत्रीजी आँखी लाल पियर करैत बजलाह "अहाँ बेबकुफ के बेबकुफ रही गेलहु पढला लिखला से किछु नहीं होयत, हम मंत्री छि आ अहाँ हमरा सिख्बैत छी अहाँ के पता नहि अछि जे अखन वोट के तीन साल छैक अखन यदि मंजुर कs देबैक ते इलेक्शन में सब बिसरी जतेक ई सब काज वोट से छः महिना पहिने सुरू कायल जायत छैक"
मंत्रीजीक काफिला बहुत करीब १५-२० टा गाड़ी छल, मंत्रीजीक गाड़ी बिच में सजल धजल फूलक माला से लदल छल | ओही गाड़ी में मंत्रीजीक संग हुनकर सचिव सेहो बैसल छल, सबकियो आराम सs जा रहल छलैथ की गाड़ी एकाएक सड़क पर रुकी गेल | रोडक कात में किछु लोक हाथ में फुलक माला लs मंत्रीजीक जयकार कs रहल छल एक आदमीक हाथ में एकटा कागज पर आवेदन पत्र छल आ ओ आवेदन पत्र मंत्री जी देबय चाहैत छल ओकरा सबहक मांग छल जे हमरा गाम एकटा मिडिल स्कुल हेवाक चाही| कियाक ते अहि गाम में कोनो स्कुल नहीं अछि बगल के गाम में धारक ओही पार जे स्कुल छैल ओही में लड़का सब ते कुनु तरहे स्कुल चलि जायत अछि मुदा लड़की सब नहीं जा पबैत अछि | पुलिस वाला मंत्री जी सs मिलेवाक लेल तैयार नहीं छल जकर बिरोध केला पर ओकरा सब पर पुलिस डंडा बरसाबय लगलैक |
"अहाँ पुलिस के मना करियो आ आवेदन पत्र के मंजुर कs लियो अखन सरकार लग फंड छैक आ ओकर कहब छैक जे हरेक पंचायत में एकटा स्कुल हेवाक चाही" सचिव बाजी उठलाह, मंत्रीजी आँखी लाल पियर करैत बजलाह "अहाँ बेबकुफ के बेबकुफ रही गेलहु पढला लिखला से किछु नहीं होयत, हम मंत्री छि आ अहाँ हमरा सिख्बैत छी अहाँ के पता नहि अछि जे अखन वोट के तीन साल छैक अखन यदि मंजुर कs देबैक ते इलेक्शन में सब बिसरी जतेक ई सब काज वोट से छः महिना पहिने सुरू कायल जायत छैक"
Wednesday, September 23, 2009
बतहिया पुछै छै सवाल
सगर नगर अछि मुह लटकौने
“शर्म सॅ सबकिया माथ झुकौने
कोन दोश हमर अछि अहिमे
पति के म़त्यु भेल अकाल
बतहिया पुछै छै सवाल
चैदह बितल चढिते पंद्रह
भ गेल हमर विवाह
सोलह बरख के मुँह नहि देखलहु
भ गेल जीवन बदहाल
बतहिया पुछै छै सवाल
नाम अलच्छी सासु पुकारैथ
ससुर सदिखन कुलबोरनी
ननौद, दिअर मुँह देख भागैथ
बितत कोना जीवन बेतरनी
बतहिया पुछै छै सवाल
सगर समाज मे चर्चा एकेटा
अबिते खेलकै “सुशील” बेटा
हमरा देखि रस्ता सब काटय
भ जाय किया यात्रा खराब
बतहिया पुछै छै सवाल
माय बाप नहि घुरी के ताकय
भौया-भौजी मुँह नुकावय
नोर सुखायल नींद हरायल
एक-एक पल भेल पहाड
बतहिया पुछै छै सवाल
सास-ससुर सेट छिरकैया
ननद-दिअर परफ्रयुम लगबैया
कुकुरो साबुन रोज लगबैया
हमरा बेर में हैया बबाल
बतहिया पुछै छै सवाल
कनियॉ मरत बरत नहि दोश
वर मुर्हला पर कनियेक दोश
बर चाहे कतेको विवाह करताह
किया नहि होयत विधवा विवाह
बतहिया पुछै छै सवाल
दयाकांत
“शर्म सॅ सबकिया माथ झुकौने
कोन दोश हमर अछि अहिमे
पति के म़त्यु भेल अकाल
बतहिया पुछै छै सवाल
चैदह बितल चढिते पंद्रह
भ गेल हमर विवाह
सोलह बरख के मुँह नहि देखलहु
भ गेल जीवन बदहाल
बतहिया पुछै छै सवाल
नाम अलच्छी सासु पुकारैथ
ससुर सदिखन कुलबोरनी
ननौद, दिअर मुँह देख भागैथ
बितत कोना जीवन बेतरनी
बतहिया पुछै छै सवाल
सगर समाज मे चर्चा एकेटा
अबिते खेलकै “सुशील” बेटा
हमरा देखि रस्ता सब काटय
भ जाय किया यात्रा खराब
बतहिया पुछै छै सवाल
माय बाप नहि घुरी के ताकय
भौया-भौजी मुँह नुकावय
नोर सुखायल नींद हरायल
एक-एक पल भेल पहाड
बतहिया पुछै छै सवाल
सास-ससुर सेट छिरकैया
ननद-दिअर परफ्रयुम लगबैया
कुकुरो साबुन रोज लगबैया
हमरा बेर में हैया बबाल
बतहिया पुछै छै सवाल
कनियॉ मरत बरत नहि दोश
वर मुर्हला पर कनियेक दोश
बर चाहे कतेको विवाह करताह
किया नहि होयत विधवा विवाह
बतहिया पुछै छै सवाल
दयाकांत
माँ मिथिला ताकय संतान
माँ मिथिला ताकय संतान
ससरी गेल कतेको टाट
खसि परल कतेको ठाठ
नहि अछि कतहु पर्दा टाट
नहि राखल दलान पर खाट
कतेको घर साँझ-प्रात सं बंचित
कतेको घर ताला सं संचित
जतय रहै छल जमाल दलान
आई बाबा बिन सुन्न दलान
माँ मिथिला ताकय संतान
सगर देश मे भय रहल पलायन
मिथिला सन नहि दोसर ठाम
बी०ए०, एम०ए० घर बैसी के
कहिया धरि देता इम्तिहान
जीबिकाक नहि बचल कोनो साधन
नहि रोजगारक कोनो ठेकान
गाम बैसी करता की बैउया
कोना बचेता घरक प्राण
माँ मिथिला ताकय संतान
पढ़ल लिखल बौक बनल अछि
धुरफंदी सब मौज करैत अछि
एक आध जे पोस्ट निकलैत अछि
भाई-भतीजा छापि लैत अछि
सबतरि बन्दर बाँट मचल अछि
कोनो विभाग नहि आई बांचल अछि
बिना पाई कियो बात नहि करताह
कतेक सहत सज्जन अपमान
माँ मिथिला ताकय संतान
हमर बुद्धि-विवेकक लोहा
देशे नहि विदेशो मानैया
हमर मेहनत-लग्नक वल पर
आई कियो बाबु कह्बैया
हमर उन्नति देखि के आई
सब प्रांत हमरा सं जरैया
करितहु प्रतिभाक सदुपयोग
रहिता जँ मिथिलामे ओरियान
माँ मिथिला ताकय संतान
दयाकांत
ससरी गेल कतेको टाट
खसि परल कतेको ठाठ
नहि अछि कतहु पर्दा टाट
नहि राखल दलान पर खाट
कतेको घर साँझ-प्रात सं बंचित
कतेको घर ताला सं संचित
जतय रहै छल जमाल दलान
आई बाबा बिन सुन्न दलान
माँ मिथिला ताकय संतान
सगर देश मे भय रहल पलायन
मिथिला सन नहि दोसर ठाम
बी०ए०, एम०ए० घर बैसी के
कहिया धरि देता इम्तिहान
जीबिकाक नहि बचल कोनो साधन
नहि रोजगारक कोनो ठेकान
गाम बैसी करता की बैउया
कोना बचेता घरक प्राण
माँ मिथिला ताकय संतान
पढ़ल लिखल बौक बनल अछि
धुरफंदी सब मौज करैत अछि
एक आध जे पोस्ट निकलैत अछि
भाई-भतीजा छापि लैत अछि
सबतरि बन्दर बाँट मचल अछि
कोनो विभाग नहि आई बांचल अछि
बिना पाई कियो बात नहि करताह
कतेक सहत सज्जन अपमान
माँ मिथिला ताकय संतान
हमर बुद्धि-विवेकक लोहा
देशे नहि विदेशो मानैया
हमर मेहनत-लग्नक वल पर
आई कियो बाबु कह्बैया
हमर उन्नति देखि के आई
सब प्रांत हमरा सं जरैया
करितहु प्रतिभाक सदुपयोग
रहिता जँ मिथिलामे ओरियान
माँ मिथिला ताकय संतान
दयाकांत
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
एक बेर नहि सत्त-सत्त बेर
करैत छी अहाँ के नित्य प्रणाम
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
दू अक्षर सँ बनल ई नेता
देशक बनल अछि भाग्यविधाता
आई-काल्हि ओहा अछि नेता
जकरा लग अछि गुंडाक ठेका
जाल-फरेब फुसि में माहिर
घोटाला में सतत प्रधान
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
खादी कुरता नीलक छीटका
मुंह में चबेता हरदम पान
मौजा ऊपर नागरा जूता
उज्जर गमछा सोभय कान्ह
जखन देखू चोर-उच्चका
भरल रहै छैन सतत दलान
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
केने छैथ ई भीष्म प्रतिज्ञा
झूठ छोडि नहिं बाजब सत्य
हाथी दांतक प्रयोग कय के
मुंह पर बजता सबटा पद्य
कल-बल-छल के वल पर सदिखन
जीत लैत छैथ अप्पन मतदान
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
गाम विकाशक परम विरोधक
होबय नहि देता एकोटा काज
बान्ह-धूर स्कूल पाई सँ
बनबैत छैथ ओ अप्पन ताज
स्त्री शिक्षाक जँ बात करू तँ
मुईन लैत छैथ अप्पन कान
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
एक बेर नहि सत्त-सत्त बेर
करैत छी अहाँ के नित्य प्रणाम
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
दू अक्षर सँ बनल ई नेता
देशक बनल अछि भाग्यविधाता
आई-काल्हि ओहा अछि नेता
जकरा लग अछि गुंडाक ठेका
जाल-फरेब फुसि में माहिर
घोटाला में सतत प्रधान
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
खादी कुरता नीलक छीटका
मुंह में चबेता हरदम पान
मौजा ऊपर नागरा जूता
उज्जर गमछा सोभय कान्ह
जखन देखू चोर-उच्चका
भरल रहै छैन सतत दलान
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
केने छैथ ई भीष्म प्रतिज्ञा
झूठ छोडि नहिं बाजब सत्य
हाथी दांतक प्रयोग कय के
मुंह पर बजता सबटा पद्य
कल-बल-छल के वल पर सदिखन
जीत लैत छैथ अप्पन मतदान
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
गाम विकाशक परम विरोधक
होबय नहि देता एकोटा काज
बान्ह-धूर स्कूल पाई सँ
बनबैत छैथ ओ अप्पन ताज
स्त्री शिक्षाक जँ बात करू तँ
मुईन लैत छैथ अप्पन कान
हे नेता जी अहाँ के प्रणाम
नहि सोभैया रंगदारी
अहॉं विदेहक छी संतान
राखु याज्ञवल्क्यक मान
नहि बिसरू मंडन, ंअयाची
वाचस्पति, विद्यापति केर नाम
गौरब-गाथा सॅ पूर्ण धरा पर
नहि करू एकरा संग गद्दारी
नहि सोभौया रंगदारी
हमर ज्ञान संस्कृतिक चर्चा
हाई छल जग में सदिखन
छल षिक्षाक केन्द्र बनल
पसरल नहि षिक्षाक किरण जखन
आई ठाड़ छी निम्न पॉंतिमें
नहि करू षिक्षाक व्यपारी
नहि सोभौया रंगदारी
कियो बनल स्वर्णक पक्षघर
किया बनल अवर्णक नेता
आपस में सब ‘ाडयंत्र रचिके
एक-दोसराक संग लड़ेता
अहॉं सॅ मिथिला तंग भ गेल
छोरू आब जातिक ठीकेदारी
नहि सोभौया रंगदारी
बाढिंक मारल रौदीक झमारल
जनता के आब कतेक ठकब
गाम-घर सब छोरी परायल
अहॉ आब ककरा लुटब
भलमानुश किछु डटल गाम में
नहि फुकु घर में चिंगारी
नहि सोभौया रंगदारी
आबो जागु आबो चेतु
कहिया धरि अहॉं सुतल रहब
देखु दुनियॉ चांद पर चली गेल
अहॉं आबों कहिया उठब
अहीं सनक भायक खातिर
कनैत छथि वैदेही बेचारी
नहि सोभौया रंगदारी
राखु याज्ञवल्क्यक मान
नहि बिसरू मंडन, ंअयाची
वाचस्पति, विद्यापति केर नाम
गौरब-गाथा सॅ पूर्ण धरा पर
नहि करू एकरा संग गद्दारी
नहि सोभौया रंगदारी
हमर ज्ञान संस्कृतिक चर्चा
हाई छल जग में सदिखन
छल षिक्षाक केन्द्र बनल
पसरल नहि षिक्षाक किरण जखन
आई ठाड़ छी निम्न पॉंतिमें
नहि करू षिक्षाक व्यपारी
नहि सोभौया रंगदारी
कियो बनल स्वर्णक पक्षघर
किया बनल अवर्णक नेता
आपस में सब ‘ाडयंत्र रचिके
एक-दोसराक संग लड़ेता
अहॉं सॅ मिथिला तंग भ गेल
छोरू आब जातिक ठीकेदारी
नहि सोभौया रंगदारी
बाढिंक मारल रौदीक झमारल
जनता के आब कतेक ठकब
गाम-घर सब छोरी परायल
अहॉ आब ककरा लुटब
भलमानुश किछु डटल गाम में
नहि फुकु घर में चिंगारी
नहि सोभौया रंगदारी
आबो जागु आबो चेतु
कहिया धरि अहॉं सुतल रहब
देखु दुनियॉ चांद पर चली गेल
अहॉं आबों कहिया उठब
अहीं सनक भायक खातिर
कनैत छथि वैदेही बेचारी
नहि सोभौया रंगदारी
ईक्कसवी सदीक फगुआ
ऋतु बसन्त के भेल प्रवेष
जाड़क नहि आब कोनो कलेष
मज्जर से गमकैत अछि आम
गाबै फगुआ सब बैस दलान
कियो मारै ढोल पर हाथ
किया दैत जोगिराक साथ
निकलैत जखन षिव के झांकी
बचैत नहि छल ककरो खांखी
मायक हाथक मलपुआक स्वाद
अबैत अखनो फगुआ मे याद
ब्रह्मस्थन में जमै छल टोली
भड़ल रहै छल भांगक झोली
भौजी हाथक रंग गुलाल
बजबैत जखन खुषीसॅ ’लाल’
सबकिया रंग में सराबोर
राग द्वेस सब भेल बिभोर
ईक्कसवी सदीक फगुआक हाल
केने अछि बड़ आई बबाल
नहि निकलैत आब रंगक झोली
एसएमएस से सब हैप्पी होली
आईटी में नव रंगक खेल
घरे से सब भेजैत ई-मेल
दु-चारि टा चित्र कट पेस्ट
नहि करैत छथि समय वेस्ट
नहि निकलैत भांगक डोल
दारू पी सब करै किलोल
बाजै सबतरि अस्लील सीडी
दुर भागै फगुआसॅ नव पीढी
आधुनिकताक दौर में हम
कयल महात्म फगुआक कम
जाड़क नहि आब कोनो कलेष
मज्जर से गमकैत अछि आम
गाबै फगुआ सब बैस दलान
कियो मारै ढोल पर हाथ
किया दैत जोगिराक साथ
निकलैत जखन षिव के झांकी
बचैत नहि छल ककरो खांखी
मायक हाथक मलपुआक स्वाद
अबैत अखनो फगुआ मे याद
ब्रह्मस्थन में जमै छल टोली
भड़ल रहै छल भांगक झोली
भौजी हाथक रंग गुलाल
बजबैत जखन खुषीसॅ ’लाल’
सबकिया रंग में सराबोर
राग द्वेस सब भेल बिभोर
ईक्कसवी सदीक फगुआक हाल
केने अछि बड़ आई बबाल
नहि निकलैत आब रंगक झोली
एसएमएस से सब हैप्पी होली
आईटी में नव रंगक खेल
घरे से सब भेजैत ई-मेल
दु-चारि टा चित्र कट पेस्ट
नहि करैत छथि समय वेस्ट
नहि निकलैत भांगक डोल
दारू पी सब करै किलोल
बाजै सबतरि अस्लील सीडी
दुर भागै फगुआसॅ नव पीढी
आधुनिकताक दौर में हम
कयल महात्म फगुआक कम
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